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घोटाले की पढाई

घोटाले की पढाई
  • घोटाले की पढाई.. डिग्री पूरी हुई नही ओर फायदा उठा रहे बेरोजगारी भता 20 लाख का फर्जीवाड़ा लिए गए . ओर मामले सामने आने की संभावना है ( घोटाले की पढाई )
  • भत्ते में हर महीने मिलते हैं 3500 रुपए, एमएड-बीएड की पढ़ाई के दाैरान ही उठा रहे थे फायदा
  • 600 मामलाें में गड़बड़ी पकड़ी, 3500 आवेदन रिजेक्ट

कोटा. सरकारी याेजनाओं का लाभ हकदाराें तक नहीं पहुंचता और फर्जी लाेग बाजी मार रहे हैं। जब से बेराेजगारी भत्ता 750 रुपए से 3000 और 3500 रुपए हुआ तब से इसमें भी फर्जीवाड़ा होने लगा है। ऐसे 600 मामले सामने आए हैं, जिनमें पढ़ाई के दाैरान युवा स्काॅलरशिप भी ले रहे हैं और खुद काे बेराेजगार बताकर भत्ता भी उठा रहे हैं।( घोटाले की पढाई )

शिकायतें मिलने के बाद जिला राेजगार कार्यालय ने जांच करवाई और ऐसे 600 लाेगाें काे मिल रहा 20 लाख रुपए प्रतिमाह भत्ता राेक दिया गया। इनसे रिकवरी के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। अभी जांच चल रही है और ऐसे और भी कई मामले सामने आने की संभावना है। ऐसे लाेगाें के कारण एकदम से काफी रजिस्ट्रेशन हाेने लग गए और बैकलाॅग बढ़ गया। अभी काेटा जिले में 26 हजार रजिस्टर्ड बेराेजगार हैं।( घोटाले की पढाई )

कांग्रेस सरकार ने 700 और 750 रुपए प्रतिमाह बेराेजगारी भत्ते को 3 हजार और 3500 रुपए प्रतिमाह कर दिया है। इतना भत्ता मिलने के कारण लाेगाें काे लालच आ गया और फर्जीवाड़ा हाेने लगा। किसी ने तथ्य छिपाए ताे किसी ने झूठा शपथ पत्र देकर खुद काे बेराेजगार बताते हुए रजिस्ट्रेशन करवा लिया।

शुरू में ताे सीक्वेंस के हिसाब से जिसका नंबर आता गया, बेराेजगारी भत्ता शुरू कर दिया गया। इसके बाद कुछ गाेपनीय शिकायतें विभाग के पास पहुंची कि इसमें ऐसे स्टूडेंट्स हैं जाे पढ़ाई की स्काॅलरशिप भी उठा रहे हैं। जिला राेजगार अधिकारी सीबी अग्रवाल ने जांच करवाई ताे ऐसे 600 मामले सामने आए, जाे पढ़ाई और स्काॅलरशिप का तथ्य छिपाकर भत्ता उठा रहे हैं।( घोटाले की पढाई )

इस तरह से कर रहे थे फर्जीवाड़ा
कुछ युवाओं काे काॅलेजाें से स्काॅलरशिप मिल रही थी। उन्हाेंने पढ़ाई पूरी हाेने का शपथ पत्र दिया। इसमें स्टूडेंट्स काे भत्ता नहीं दिया जाता है। कुछ ने शपथ पत्र में लिखा कि पढ़ाई पूरी हाे चुकी है, अब कहीं राेजगार नहीं मिल रहा है। उनका काॅलेजाें में रेगुलर एडमिशन है।

कुछ ऐसे भी हैं, जिनके पिता सरकारी नाैकरी में हैं और उन्हाेंने शपथ पत्र में लिखकर दिया कि वे कृषि करते हैं। इसमें सरकारी कर्मचारी के बच्चाें काे भी भत्ता नहीं मिलता है।

3500 आवेदन किए रिजेक्ट
पढ़ाई के साथ-साथ बेराेजगारी भत्ते के लिए आवेदन करने के फर्जी मामले सामने आने के बाद विभाग ने रजिस्ट्रेशन के समय ही चेकपाइंट लगा दिया। कुछ दिनाें में ऐसे 3500 आवेदन सामने आए जिसमें युवा रेगुलर पढ़ाई कर रहे हैं और खुद काे बेराेजगार बताकर आवेदन कर दिया। ऐसे 3500 आवेदनाें काे निरस्त कर दिया गया।( घोटाले की पढाई )

राेजगार है, खुद को बता रहे बेकार
यही नहीं ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें राेजगार हाेते हुए खुद काे बेराेगजार बताकर भत्ता उठाया जा रहा है। हाल ही में कनवास एसडीएम राजेश डागा ने एक ई-मित्र संचालक और उसकी पत्नी काे फर्जी शपथ पत्र देकर बेराेजगारी भत्ता उठाते हुए पकड़ा था।

पकड़ में आने के बाद पति-पत्नी ने स्वीकार कर लिया और अब तक उठाया गया भत्ता वापस लाैटाने के लिए भी तैयार हाे गए। बाद में केस जिला राेजगार कार्यालय काे साैंप दिया गया। इसी तरह की अन्य शिकायताें की भी जांच की जा रही है।

( घोटाले की पढाई )
ऐसे 600 मामले सामने आए हैं, जाे रेगुलर बीएड, एमएड या अन्य डिग्री-डिप्लाेमा कर हैं। उन्हें वहां से स्काॅलरशिप भी मिल रही है। ऐसे लाेगाें का भत्ता ताे राेक ही दिया है। रिकवरी के भी प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ युवा राशि वापस जमा करवाने काे मान गए हैं।

( घोटाले की पढाई )

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Written by priyanka singh

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