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टिड्डी पर सबसे बड़ी रिसर्च / अगस्त में पाकिस्तान के रास्ते देश में एंट्री करेगा करोड़ों टिड्डियों का दल, राजस्थान में खराब हो सकती है 4 हजार करोड़ की फसल

टिड्डी पर सबसे बड़ी रिसर्च
  • अब तक अफने हमलों में 2 लाख हैक्टेयर फसल बर्बाद कर चुका है टिड्डी दल
  • 23 से ज्यादा हमले कर चुकी टिड्डी, अब बारिश के मौसम में ज्यादा अंडे देगी

कोटा पाकिस्तान के रास्ते भारत आया टिड्डी दल फसलों को काफी नुकसान पहुंचा रहा है। खासतौर पर राजस्थान के कई जिलों में इनका असर सबसे ज्यादा है।( टिड्डी पर सबसे बड़ी रिसर्च )

कई किलोमीटर लंबे टिड्डी दल राजस्थान के आधा दर्जन से ज्यादा जिलों में बार-बार हमला कर रहे हैं।

टिड्डी दल के हमले से अब पाकिस्तान बॉर्डर से लगे राजस्थान के जिलों में किसानों पर आफत आ गई है। अब अगस्त में एक बार फिर पाकिस्तान के रास्ते कारोड़ों टिड्डियों का दल भारत में आ सकता है।

राजस्थान कृषि विभाग के अनुसार जुलाई और अगस्त में टिड्डी दल के हमलों में बढ़ोतरी हो सकती है। मानसून का सीजन शुरू हो चुका है, और बारिश में टिड्डियां ज्यादा अंडे देती हैं।

टिड्डी दलों के हमले से अब तक 2 लाख हैक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है। राजस्थान के कृषि विशेषज्ञों की मानें तो अब हमले ज्यादा बड़े और लगातार होंगे। इन हमलों से यदि प्रदेश की 10 प्रतिशत फसल भी बर्बाद हुई तो नुकसान का आंकड़ा लगभग 4 हजार करोड़ तक पहुंच सकता है।( टिड्डी पर सबसे बड़ी रिसर्च )

टिड्डी दल ने इस साल श्रीगंगानगर, जयपुर, अजमेर, उदयपुर, जाेधपुर और काेटा संभाग में बार-बार हमला किया है। राजस्थान में भरतपुर, दाैसा, कराैली, धाैलपुर के आसपास के कुछ जिले ही इनसे बचे हैं।

टिड्डियाें का 1 दल खा जाता है 35 हजार लाेगों का खाना

एक एडल्ट टिड्डी अपने वजन (2 ग्राम) के बराबर खाना रोज खा सकती है। एक किलोमीटर के टिड्डी दल में करीब 4 करोड़ टिड्डियां होती हैं। वो एक दिन में इतना खा सकती हैं, जितना 35 हजार लोग एक दिन में खाते हैं।

यह भी माना जाता है कि एक टिड्डी का छोटा झुंड एक दिन में दस हाथी, 25 ऊंट या 2500 लोगों जितना खा सकता है। टिड्डियां पत्ते, फूल, फल, बीज, तने और पौधों को खाकर नुकसान पहुंचाती हैं।

दुनिया में 10000 से ज्यादा प्रजातियां
दुनियाभर में टिड्डियों की 10,000 से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं। अंटार्कटिका को छोड़कर सभी प्रायद्वीपों पर पाई जाती हैं। दुनिया की 10% आबादी को प्रभावित करती हैं। एक टिड्डी दल में 10 अरब टिड्डियां हो सकती हैं, जबकि ये 1 बार में 200 किलोमीटर तक का रास्ता तय कर सकती हैं।( टिड्डी पर सबसे बड़ी रिसर्च )

राजस्थान में हेलीकाॅप्टर से होगा कंट्राेल
राजस्थान के कृषि विभाग के सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि टिड्डियों को नष्ट करने के लिए 40 से 50 फायर बिग्रेड तैयार हैं। 15 ड्राेन लगाए गए हैं। केंद्र सरकार से दाे हेलीकाॅप्टर मिल रहे हैं। 700 से 800 ट्रैक्टर किराए पर ले लिए गए हैं। किसानों को कीटनाशक दिए गए हैं।( टिड्डी पर सबसे बड़ी रिसर्च )

एक टिड्डी देती है 200 से अधिक अंडे

एक वयस्क मादा टिड्डी अपने 3 महीने के जीवन चक्र में 3 बार अंडे देती हैं। एक बार में करीब 70 से 80 अंडे देती हैं। ये अंडे नष्ट नहीं हुए तो 4 से 8 करोड़ तक टिड्डियां प्रति वर्ग किलोमीटर में पैदा हो सकती हैं। एक वर्ग मीटर में एक हजार अंडे हो सकते हैं। नर टिड्डे का आकार 60-75 एमएम और मादा का 70-90 एमएम तक हो सकता है।( टिड्डी पर सबसे बड़ी रिसर्च )

राजस्थान में अब तक हुआ नुकसान
टिड्डियों के हमले से राजस्थान में सबसे ज्यादा जैसलमेर जिला प्रभावित हुआ। यहां 54,979 हैक्टेयर फसल बर्बाद हुई, वहीं जालौर जिले में टिड्डी हमले के कारण 53,682 हैक्टेयर फसल बर्बाद हुई है। इसी तरह श्रीगंगानगर जिले में 22,257 हैक्टेयर, बाड़मेर में 38,029 हैक्टेयर, बीकानेर जिले में 5,801 हैक्टेयर, जोधपुर जिले में 2,308 हैक्टेयर और सिरोही जिले में 12 हैक्टेयर फसलों को टिड्डी दल के कारण नुकसान पहुंचा है।( टिड्डी पर सबसे बड़ी रिसर्च )

अब तक 200 कराेड़ से ज्यादा टिड्डियां कर चुकी हैं हमला

काेटा संभाग में अभी तक 23 बार हमले हाे चुके हैं और करीब 200 कराेड़ से अधिक टिड्डियाें ने हमला किया है। इसमें पेड़ाें की पत्तियाें काे नुकसान पहुंचाया है। अब बड़ी मात्रा में बार-बार हमले हाे सकते हैं। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। केमिकल व वाहनाें काे तैयार किया हुआ है। इस बार मादा टिड्डियां ज्यादा आने वाली हैं।  

( टिड्डी पर सबसे बड़ी रिसर्च )

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Written by priyanka singh

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